लघु कथा

झरकल मुँह झपनहि नीक

दैनिक समाचारपत्र ‘हिंदुस्तान’ केर साप्ताहिक कॉलम ‘ठाहिं -पठाहिं’ मे नियमित रूपेँ व्यंग्य लिखिनिहार शरदिन्दु चौधरीक एकटा