वीरेन्द्र ठाकुर ‘वियोगी’ केर तीन टा गीत

 (१) शारदा वन्दना

कर्पूर नै छै करमे हे वाणी

करबैक पूजा कोना हे जननी ।।

न कंठे मधुर छै न बाजाक साधन

कोना केँ भजब हम तोहर नाम पावन

उब डूब भमरमे हमर छैक नैया

न पतवार छै एको न एको खेवैया

न बुद्धिक वैभव चतुरता हमर संग

बनल छी निबल हम दुःखे टा केने तंग

हे वाचा बचाबी हमर प्राण यदि तँ

दीय दान विद्या सुयश हो जगत मे

की हम वियोगी विरह गीत गबिते

न पायब एको क्षण सुखक बाट माते

कर्पूर  नै  छै  करमे  हे  वाणी

करबैक पूजा कोना केँ हे जननी ।।

(२) तर्ज-‘एक प्यार का नगमा है’

दुनियामे जन्म लेलौं किछु करू अहाँ मानव

ई पंछी उड़ी जेतइ तँ व्यर्थ होयत कानब ।।

किछु सोच विचार करू अहाँ किया एलौं जगमे

हिरासन कायासँ नित भजन करू मनमे

हरे राम हरे रामा सदिखन तँ भजू मानव

ई पंछी उड़ी जेतइ तँ व्यर्थ होएत कानब ।

लाख चौरासी घुमलौं तखन ई तन पयलौं

यदि चुकब अपन पथसँ व्यर्थ अहाँ जन्म लेलौं

पलमे की की हेतइ से कखनो नहि जानब

ई पंछी उड़ी जेतय तँ व्यर्थ होइत कानब ।

करु भजन करु प्राणी जग घुमय अहाँ अयलौं

प्रभु कृपा दृष्टीफलसँ अवसर सुंदर पयलौं

ई विरह वियोगी तन हेतइ निश्चित दानव

ई पंछी उड़ी जेतइ तँ व्यर्थ होयत कानब ।।

(३) कदम जोड़ी फूल

आइह कदम जोड़ी फूल

पहुँचल पतिया, दुख केर बतिया

पहु पाबि झूर-झमान हइ

कदम जोडी फूल ।

मैथिलीक ई दीन समय अछि।

सभा मध्य अन्हेर भेल अछि

तँ लुल्हो केँ मोल हइ

कदम जोड़ी फूल।

बेटीक पिता बहाबथि नोरे

वरक पिता छथि खूब कठोरे

तेँ वर भेल बकलेल हइ

कदम जोडी फूल।

रुपया लेल बेटा पढ़बै छथि

विवाह भेने स्कूल छोरबै छथि

तेँ मेट्रिक केने फेल हइ

कदम जोड़ी फूल ।

करम बुरल छह तोहार तखने

मिथिला कन्या भेलह जखने

स्त्री जाति केँ ने मोल हइ

कदम जोडी फूल ।

पोथी- ‘कदमजोड़ी फूल’
प्रकाशक- ठाकुर प्रकाशन माऊबेेहट 
मूल्य -21 टाका

सम्पर्क – संजय ठाकुर 
मो. 08266002286

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